मन घुसळ घुसळ

मन घुसळ घुसळ
मन ईचार ईचार… 
मन उथळ उथळ 
सदा काळी

मन बेभान बेभान
मन अथांग अथांग 
मन जाई सुम्ब रान 
सदा काळी

मन चाहूल चाहूल 
मन हसल हसल 
मन हासुनी फसल 
सदा काळी

मन बोललं बोलल
ं मन ऐकलं ऐकलं 
जीव लावलं लावलं 
मन सदा काळी

मन गुंतलं गुंतलं 
मन खुळलं खुळलं 
येळ जाई निसटुन 
सदा काळी

मन जोडलं जोडलं
मन राहिलं राहिलं 
मन धरलं धरलं 
सदा काळी

मन मोठ्याल मोठ्याल
मन लहानग झालं 
मन एवढं उरलं
सदा काळी

मन इटाळ इटाळ 
त्याला रुढीच गबाळ
मन साशंक साशंक 
सदा काळी

मन थांबलं थांबलं 
आत डोकावु पाहिलं 
मन निर्धार निर्धार 
सदा काळी

मन विश्वास विश्वास 
करी नाशाचा विनाश 
मन उध्दार उध्दार
सदा काळी

मन घुसळ घुसळ 
मन ईचार ईचार…
मन उथळ उथळ 
सदा काळी – 

By Chandrakant Ubhe

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