ये मेरा देश किस तरह बदल रहा हैं ,
कही बलात्कार , आतंक , लूटमार से निपट रहा हैं ,
हैरान हु में , मेरा देश इस तरह आगे बढ़ रहा हैं ,
बेरोजगारी तब भी थी, आज भी हैं ,कल भी रहेगी ,
खुदको साबित करने के बजाये ,युवा धुएं में जल रहा हैं ,
हैरान हु में , के देश इस तरह आगे बढ़ रहा हैं ,
खोजाते हे सपनें अक्सर इस भीड़भाड़ की ज़िंदगी में ,
उन सपनोंमे खुदको दबाये जा रहा हैं ,
हैरान हु में , के देश इस तरह आगे बढ़ रहा हैं ,
दिनरात अपने सपनोंमे सोते जा रहा हैं ,
भूल से भी खुदको जगा नहीं पा रहा हैं ,
सोने की आदत में इसने खुदको भुला दिया हैं ,
हैरान हु में , के देश इस तरह आगे बढ़ रहा हैं ,
ना-रोटी , ना-कपड़ा, ना-मकान मांग रहा हैं ,
हर दिन १. gb डेटा ख़तम किये जा रहा हैं ,
दुनिया की छोड़ो , घर की रोटी कमा नहीं पा रहा है हैरान हु में ,
के इस तरह देश आगे बढ़ रहा हैं ,कबुल है ,कबुल है की,
आसान नहीं है ,अपने सपनोंको खरीदना ,
फिर भी उम्मीद का दामन क्यों छोड़े जा रहा हैं ,
हैरान हु में , के इस तरह देश आगे बढ़ रहा हैं ,
हैरान हू मेरा देश किस तरह आगे बढ रहा हे!
